- छह सूत्रीय मांगों को लेकर सीटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
- मांगे न मानने पर ऑटो यूनियन ने दी अनिश्चितकालीन चक्का जाम की चेतावनी
देहरादून। दून ऑटो रिक्शा यूनियन देहरादून के बैनर तले प्रदेशभर से आएं ऑटो चालकों ने मंगलवार को अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। रैली को पुलिस ने ग्लोब चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर पहले ही रोक दिया। इससे आक्रोशित ऑटो चालक वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
मंगलवार को दून ऑटो चालक रेसकोर्स में एकत्रित हुए और वहां से रैली निकालकर सीएम आवास की ओर बढ़े। जैसे ही रैली ग्लोब चौक पर पहुंची, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई। काफी देर तक प्रदर्शन कर रहे ऑटो चालकों ने सिटी मजिस्ट्रेट को छह सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
यूनियन के नेता पंकज अरोड़ा ने कहा कि पिछले 55 वर्षों से ऑटो चालक देहरादून शहर में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और नगर निगम द्वारा चिन्हित स्टैंडों से यात्रियों को डोर-टू-डोर सेवा दे रहे हैं। पर्यटकों और यात्रियों का छूटा हुआ सामान भी यूनियन के माध्यम से सम्मानपूर्वक उन्हें लौटाया जाता है। इसके बावजूद सरकार ईमानदारी से टैक्स, रजिस्ट्रेशन फीस और फिटनेस टैक्स जमा करने वाले सीएनजी ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनियंत्रित रूप से अन्य वाहनों को सड़कों पर उतारने से भीड़ और दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे ऑटो चालकों को काम नहीं मिल पा रहा।
यूनियन के प्रभारी सी.पी. सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ऑटो चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो आने वाले समय में शहर के अन्य संगठनों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
रैली में यूनियन के कोषाध्यक्ष सतपाल, संयुक्त मंत्री गुलगोशन और सौरभ कुमार कांगड़ा, कार्य समिति के सदस्य अरविंद सिंह, विपिन सेठ, मोनू सिंह, मोहम्मद सलीम, गुलफाम अली सहित कोटद्वार ऑटो यूनियन के अध्यक्ष सुभाष जदली, शिव शंकर और दून ऑटो रिक्शा यूनियन के हजारों ऑटो चालक शामिल रहे।
छह सूत्रीय मांगें
- निजी नंबर प्लेट पर चल रहे दोपहिया वाहनों द्वारा व्यावसायिक संचालन को तत्काल बंद किया जाए।
- शहर में बढ़ती संख्या को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक ऑटो/ई-रिक्शा का पंजीकरण कम से कम 10 वर्षों के लिए रोका जाए।
- ऑटो रिक्शा (3+1) परमिट की परिधि 25 किमी से बढ़ाकर 40 किमी की जाए या जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक सवारी ले जाने की अनुमति दी जाए।
- शासन के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार ई-रिक्शाओं का संचालन मुख्य मार्गों के बजाय मोहल्लों की गलियों में कराया जाए।
- फिटनेस सेंटर को देहरादून के केंद्र में लाया जाए या मैनुअल किया जाए, साथ ही नए सेंटर खोले जाएं।
- ई-रिक्शा/इलेक्ट्रॉनिक ऑटो के क्रय-विक्रय और पंजीकरण में मूल निवास, चरित्र प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किया जाए।
