एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने संभाली दून पुलिस की कमान

SSP Pramendra dobhal took over command of Doon Police

देहरादून। उत्तराखंड़ शासन द्वारा 8 जनपदों में बड़ा फेरबदल किया, जिसके तहत लगभग ढाई साल से दून पुलिस की कमान संभाले एसएसपी अजय सिंह को एसटीएफ़ की नई जिम्मेदारी देने के साथ ही हरिद्वार के तेज तर्रार पुलिस कप्तान एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल को राजधानी देहरादून की कमान सौपीं गयी है।

शासन द्वारा जहां कल स्थानांतरण का आदेश जारी किया था। वहीं एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा राजधानी में चुनौती बन रहे अपराधियो के हौसलों को और बल न देते हुए आज शनिवार को ही अपनी नवीन जिम्मेदारी संभाल ली है। वह आज सुबह 10 बजे के उपरांत एसएसपी कार्यालय पहुँचे जहां उनकी दून पुलिस टीम द्वारा सर्वप्रथम उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिसके उपरान्त एसपी सिटी द्वारा उनका कप्तान दून बनने पर बधाई व पुष्प गुच्छ भेंट कर कार्यालय में स्वागत किया गया।

जिसके उपरान्त नवनियुक्त कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा कार्यालय में अपना पद ग्रहण कर दस्तावेजी कार्य पूर्ण कर कार्यालय में मौजूद अपने अधिकारियो व कर्मियो से उनका परिचय प्राप्त कर एक साथ जनपद में कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाने को कार्य करने की प्रतिबद्धता बताई।

शहर के नवनियुक्त पुलिस कप्तान प्रमेंद्र ने बताया कि राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक सबसे बड़ी चुनौती है। और हाल ही के दिनों में कानून व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौतियां आयी है, जिनसे निबटने को वह टीम संग कार्य करेंगे। उन्होंने कहाँ कि दून पुलिस शुरू से ही अच्छा कार्य करती रही है और वह कोशिश करेंगे कि वह पुलिस के कार्य मे और ज़्यादा गहनता लाने को प्रयास करेंगे। फ़ोर्स की कार्यशीलता, कार्यकुशलता को और बढ़ाया जा सके वह कोशिश करेंगे, साथ ही पुलिसिंग को और बेहतर बनाने को प्रतिबद्ध है।

हाल ही के दिनों में राजधानी में हुई आपराधिक घटनाओं पर क्या रणनीति होगी उसपर उन्होंने कहा कि हाल ही के दिनों में राजधानी में जो घटित हुआ वह निश्चित ही चिंताजनक है, किन्तु आप सभी पुलिस पर भरोसा रखें, मुझपर भरोसा रखें। उन्होंने कहा कि समय है कि फ़ोर्स सदैव से अच्छा कार्य करती रही है व आगे भी करेगी और जो भी आपराधिक घटनाएं शहर में हुई और जो कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी हुई है उसके खिलाफ पुलिस कड़ी कार्यवाही करेगी।

गौरतलब है जनपद में बीते 16 दिनों में एक के बाद एक सनसनीखेज आपराधिक घटनाएं हुई है। जिसमे अपराधियों द्वारा दून पुलिस की कड़ी कानून व्यवस्था व चौकसी को खुले आम चुनौती दी है। राजधानी में 5 मर्डर होने केबाद से राजधानी वासियो द्वारा दून पुलिस की सुरक्षा पर कड़े सवाल खड़े किए है।

वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से खुद को जिम्मेदार बताने वाली दून पुलिस से बड़े बड़े राजनीतिक दलों व आम जनता लगातार सवाल कर रहे है। वहीं कल राजपुर जैसे पॉश एरिया के सिल्वर सिटी में झारखंड के हिस्ट्रीशीटर की हत्या हो जाने से देहरादून के अब पहले जैसे सुरक्षित न रह जाने के भय ने लोगो की चिंता और बढ़ा दी है।

झारखंड का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर इतने समय से शहर में रह रहा था और शहर की पुलिस व एलआईयू जैसी संस्थान को कानो कान खबर न होना, एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। शहर में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं व अपराधियो के हौसलों को तोड़ने को राजधानी के नवनियुक्त पुलिस कप्तान द्वारा क्या नई रणनीति अपनाई जाती है व कैसे शहर में सिर उठा रहे अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाकर दून को पुनः शांत शहर की श्रेणी मे लाने को क्या प्रयास करते है, इसपर शहवासियो व शासन की निगाह रहेगी।