पिथौरागढ़। जनपद की व्यास घाटी में स्थित भगवान शिव के धाम की आदि कैलाश यात्रा इस साल आठ मई को उत्तराखण्ड के तीन स्थानों से शुरू होगी। आदि कैलाश यात्रा की नोडल एजेंसी ‘कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड’ के महाप्रबंधक विजयनाथ शुक्ला ने बताया कि हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से श्रद्धालुओं के कुल 15 जत्थे आदि कैलाश की यात्रा पर जायेंगे।
उन्होंने बताया कि हल्द्वानी से आदि कैलाश यात्रा आठ दिन, टनकपुर से छह दिन और धारचूला से यात्रा पांच दिन में संपन्न होगी। उन्होंने बताया कि यात्रा का पहला चरण 10 जून को समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल रहा तो प्रशासन अप्रैल के आखिरी सप्ताह से इनर लाइन परमिट जारी कर सकता है। पिछले साल यहां 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। ऐसे में इस बार और बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की उम्मीद है।
आपकां बता दें कि आदि कैलाश पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र की व्यास घाटी में स्थित है। नवंबर से मार्च तक यहां भारी बर्फबारी के कारण आवागमन बंद रहता है। सुरक्षा कारणों के चलते व्यास घाटी में छियालेख से आगे जाने के लिए इनर लाइन परमिट अनिवार्य होता है। जिसे तहसील प्रशासन जारी करता है।
आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट धारचूला स्थित एसडीएम कार्यालय से ऑफलाइन लिया जा सकता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी होते हैं. यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा है।

