ऋषिकेश विश्व की योग राजधानी के रूप में स्थापित हो रहा
ऋषिकेश। गंगा रिसोर्ट मुनि की रेती में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा योग को वैश्विक पहचान मिली है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकृति मिलना भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक क्षण है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की हिमालयी पवित्र वादियां प्राचीन काल से ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही हैं और आज ऋषिकेश विश्व की योग राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित होकर देश-विदेश से आने वाले हजारों लोगों को योग और आध्यात्म की ओर आकर्षित कर रहा है।
आज गंगा रिसोर्ट, मुनि की रेती में आयोजित “अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026” का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी के साथ किया।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के प्रयासों से भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा योग को वैश्विक पहचान मिली और उनके… pic.twitter.com/uJx2LFbonO— Subodh Uniyal (@SubodhUniyal1) March 16, 2026
उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति 2025 लागू की गई है, जिसके अंतर्गत प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 300 आयुष्मान आरोग्य केंद्र और 62 वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं, तथा प्रत्येक जनपद में आयुष चिकित्सालय संचालित किए जा रहे हैं।



