कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ दी तहरीर
देहरादून। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का हवन-पूजन कर शुद्धिकरण किए जाने का मामला गरमा गया। कांग्रेस ने इसका भारी विरोध किया। वहीं सोमवार को कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ धारा चैकी में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी। वहीं विकासनगर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण मंच के शुद्धिकरण के विरोध में सोमवार को शिकायत पत्र सौंपे।कार्यकर्ताओं ने विकासनगर, सहसपुर कोतवाली और सेलाकुई थाने में शिकायत देकर घटना को अनुसूचित जाति वर्ग का अपमान बताया और शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस दौरान भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी के कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धिकरण’ के शर्मनाक प्रकरण के दोषियों के खिलाफ कांग्रेसजनों के साथ विधानसभा चकराता अंतर्गत #कालसी थाने पहुंचकर तहरीर दी और मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
संविधान सर्वोपरि है।
सामाजिक न्याय सर्वोपरि है। pic.twitter.com/9uSZl4yFNY— Pritam Singh (@incpritamsingh) August 31, 2026
एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट धारा लगाई गई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर गलत टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को झूठा, निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।
उधर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों की ओर से हल्द्वानी के रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया गया था। धस्माना ने आरोप लगाया कि वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद पुलिस ने मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है। कांग्रेस ने डीजीपी के सामने तीन मांगें रखी। राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कर उसे तत्काल निरस्त किया जाए। आठ अगस्त को रामलीला मैदान में शुद्धिकरण करने वाले गिरीश पांडेय और उनके साथियों के खिलाफ वीडियो साक्ष्य के आधार पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। और शिकायतकर्ता अमित कुमार के राजनीतिक संबंधों की जांच की जाए।धस्माना ने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त नहीं की गई और कांग्रेस के अनुसार वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।




