मोहम्मद आरिफ बने वक्फ बोर्ड सीईओ

Mohammed Arif has been appointed as Waqf Board CEO

देहरादून। उत्तराखंड शासन के अल्पसंख्यक कल्याण अनुभाग की और से जारी ताज़ा शासनादेश में उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के पद पर नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू किए जाने की पुष्टि की गई है। मंगलवार को जारी इस आदेश के माध्यम से बोर्ड के संचालन को प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त प्रभार की नई व्यवस्था की गई है।

शासनादेश के अनुसार, पूर्व में आदेश 13 जुलाई 2023 के तहत सैयद सिराज उस्मान, अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, हरिद्वार (शहरी) को उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड, देहरादून का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया था। अब इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए मोहम्मद आरिफ, अपर सचिव, लोक आयुक्त कार्यालय उत्तराखंड (वर्तमान में अधिशासी अधिकारी, उत्तराखंड राज्य हज समिति) को वक़्फ़ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि सैयद सिराज उस्मान ने काफी पहले ही शासन को पत्र लिखकर स्वयं को वक़्फ़ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अतिरिक्त दायित्व से मुक्त किए जाने का अनुरोध कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कार्यभार की अधिकता और अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए शासन को अवगत कराया था कि वे इस पद के दायित्वों का निर्वहन प्रभावी रूप से नहीं कर पा रहे हैं।

प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में यह भी माना जा रहा है कि हज हाउस, कलियर शरीफ में एक भाजपा नेता के साथ हुई कथित कहा-सुनी के बाद यह मामला और गंभीर हो गया था। हालांकि शासनादेश में इस घटनाक्रम का कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं है, लेकिन उसी के बाद सिराज उस्मान ने शासन को पदमुक्त करने को पत्र लिखा था।

शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मोहम्मद आरिफ को इस अतिरिक्त कार्यभार के लिए किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वेतन, मानदेय या भत्ता देय नहीं होगा। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण कर शासन को सूचित करें। अब यह देखना अहम होगा कि नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अतिरिक्त प्रभार के बाद वक़्फ़ बोर्ड के लंबित मामलों, संपत्तियों के प्रबंधन और विवादों के निस्तारण में कितनी तेजी आती है।