वनाग्नि पर राजभवन की खामोशी प्रदेश को झुलसा रही : मोर्चा

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Raj Bhavan’s silence on forest fire

प्रदेश में अब तक 1000 हेक्टेयर से अधिक जंगल हो चुके जल कर खाक
वन्य जीव जंतु भी समा चुके काल के ग्रास में, सरकार बनी हुई है बेपरवाह
आग बुझाने में हेलीकॉप्टर का प्रयोग करे सरकार

विकासनगर। Raj Bhavan’s silence on forest fire जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के बेशकीमती जंगल (वन संपदा) आग से धधक रहे हैं तथा बेजुबान वन्य जीव काल का ग्रास बन चुके हैं, लेकिन राजभवन चुपचाप तमाशा देख रहा है।

नेगी ने कहा कि वनाग्नि काल से पूर्व सरकार को इसके उपायों पर होमवर्क करना चाहिए था, लेकिन सरकार को  फुर्सत ही नहीं थी। ’वनों की आग जिस प्रकार विकराल रूप धारण कर चुकी है। पत्रकार वार्ता में रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि राजभवन को तत्काल हेलीकॉप्टर को आग बुझाने के काम में लगाने हेतु सरकार को निर्देशित करना चाहिए।

रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि वर्ष 2015 से 2021 तक  वनाग्नि काल में 17980.96 हेक्टेयर जंगल खाक हो चुके हैं, जबकि कागजों में सरकार द्वारा प्रदेश के तमाम वन प्रभागों के अंतर्गत 1472 क्रू स्टेशन व 246 वॉच टावर स्थापित किए हुए  हैं तथा कई अन्य इंतजाम भी किए हुए हैं, लेकिन वो इंतजामात नाकाफी हैं। वर्ष 2018 में सर्वाधिक 4480.036 हेक्टेयर जंगल खाक हो गए थे।

नेगी ने तंज कसते हुए कहा की वन मंत्री का प्रदेश की जनता पर इतना बड़ा एहसान है कि मुंबई में बैठे-बैठे समीक्षा कर रहे हैं तथा कह रहे हैं कि मैं भी आग बुझाने जंगल में जाऊंगा, जैसे हरक सिंह रावत जी ने अपने कार्यकाल में मीडिया को साथ लेकर बुझाई थी। पत्रकार वार्ता में विजय राम शर्मा, दिलबाग सिंह, अमित जैन व मुकेश पसबोला मौजूद थे।

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