देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच कराए जाने व न्याय दिलाने की मांग को लेकर अंकिता न्याय यात्रा संघर्ष समिति मंच के आहवान पर उत्तराखंड बंद का राजधानी में मिला जुला असर दिखाई दिया। सुबह से ही बंद समर्थकों ने सड़कों पर रैली निकालकर खुली दुकानों को बंद करने की अपील की, लेकिन दुकानदारों ने शटर गिराए तो कई ने अपनी दुकानें खोले रखी।
वहीं रोड़वेज की बसे, महानगर सिटी बसे, विक्रम, ऑटो, ई रिक्शा सहित अन्य परिवहन सेवाएं आम दिनों की तरह सामान्य रूप से चलती रही। यहां अंकिता न्याय यात्रा संघर्ष समिति मंच से जुड़े हुए सदस्य गांधी पार्क के बाहर इकटठा हुए जहां से उन्होंने रैली निकालकर राजपुर रोड में खुली दुकानों को बंद करने की अपील की जहां पर दुकानदारों से अपनी दुकानें स्वत: ही बंद कर दी।
रैली जैसे ही पटेल मार्केट के पास पहुंची तो वहां पर कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें सांकेतिक तौर पर बंद कर दी और वहां पर कई दुकानें खुली रही। इस दौरान रैली जैसे ही पल्टन बाजार के अंदर पहुंची तो वहां पर पूरा बाजार खुला हुआ था और बंद समर्थक लगातार दुकानें बंद करने की अपील करते रहे वहां पर कई दुकानदारों ने अपने शटर आधे गिराए तो कई दुकानदारों ने अपील के बावजूद भी दुकानें बंद नहीं की तो बंद समर्थकों ने वहां पर व्यापारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज किया और इसके बाद कुछ दुकानदारों ने अपने अपने शटरों को आधा गिरा दिया।
बंद समर्थक जैसे जैसे आगे बढ़ते गए लेकिन सभी दुकानें खुली हुई दिखाई दी और बाद में शटर को गिराने व लाइटें बंद करने की बंद समर्थकों ने अपील की जिसका कई दुकानदारों ने पालन किया तो कई ने अनसुना कर दिया। पल्टन बाजार से धामावाला तक दुकानों को बंद करने की लगातार अपील की गई, वहीं छोटी सब्जी मंडी में अधिकांश दुकानें खुली रही और उन्हें बंद कराने का प्रयास किया गया लेकिन दुकानदारों ने अपने शटर आधे गिरा दिए।
इस दौरान यह सिलसिला डिस्पेंसरी रोड से लेकर दर्शनलाल चौक व घंटज्ञघर के आसपास के दुकानों में चलता रहा और वहां पर सभी दुकानों को बंद करने की अपील की गई, लेकिन दुकानदारों ने अपील को ठुकरा दिया। वहीं घंटाघर से राजपुर रोड की ओर बंद समर्थक पहुंचे तो वहां पर दुकानें अपने आप बंद होने लगी।
इस अवसर पर बंद समर्थकों को देखते हुए राजपुर रोड के दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए लेकिन जैसे ही रैली आगे बढ़ी तो सभी दुकानों के शटर खुल गए। इस अवसर पर बंद समर्थकों में सुजाता पॉल, कमला पंत, मोहित डिमरी, पंकज क्षेत्री, निर्मला बिष्ट, अनिता रावत, मोहन सिंह खत्री, त्रिलोचन भट्ट, प्रमिला रावत, समर भंडारी, जगदीश धीमान, आरिफ हुसैन वारसी, चिंतन सकलानी, सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
