गुणवत्ता व प्रगति पर सख्त निगरानी के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन को लेकर राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए समिति की ओर से कई प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की निरंतर समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को स्वीकृत प्रस्तावों के लिए जारी फंड और कार्यों की भौतिक प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। साथ ही विभागों से एमसीआर (मंथली कंसॉलिडेटेड रिपोर्ट) निर्धारित फॉर्मेट में प्राप्त करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में State Disaster Response Fund (SDRF) और
State Disaster Mitigation Fund (SDMF) के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान समिति द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को… pic.twitter.com/jm4OkgGw9w— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) January 1, 2026
बैठक में सिंचाई विभाग को विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित नियोजन अभियंता समिति को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी प्रस्ताव को भेजने से पहले समिति द्वारा उसके तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।
मुख्य सचिव ने सचिव आपदा को निर्देश दिए कि राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठकों में ईएनसी, पीडब्ल्यूडी को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए स्पष्ट नॉर्म्स तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल की स्थिति और प्रकृति के अनुसार हर कार्य की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ही कार्य किया जाना चाहिए। जहां संभव हो, वहां वेजिटेटिव प्रोटेक्शन वर्क को भी प्राथमिकता दी जाए।
इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को देहरादून जनपद के अंतर्गत विभिन्न कैनाल सिस्टम को दुरुस्त करने, नहरों के सुधारीकरण एवं मजबूतीकरण से जुड़े प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, आनंद स्वरूप, अपर सचिव रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।



