चाँद के दीदार के साथ मुकद्दस रमजान मुबारक का आगाज

The beginning of the holy Ramadan Mubarak

देहरादून। रहमतों, बरकतों और मग़फिरत के मुकद्दस महीने रमजानुल मुबारक का आग़ाज़ चाँद के दीदार के साथ हो गया। बुधवार शाम चाँद नज़र आने की तस्दीक के बाद गुरुवार को पहला रोज़ा रखा गया। शहर भर की मस्जिदों में इबादत का रूहानी माहौल देखने को मिला और ईशा की नमाज़ के बाद विशेष नमाज़-ए-तरावीह अदा की गई।

बुधवार को देहरादून समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में चाँद देखने का एहतमाम किया गया। हालांकि देहरादून में बादल छाए रहने के कारण चाँद का दीदार नहीं हो सका, लेकिन देश के अन्य हिस्सों से चाँद दिखाई देने की पुष्टि होने के बाद रमजान शुरू होने का ऐलान कर दिया गया।

इस मौके पर क़ाज़ी दारुल क़ज़ा उत्तराखंड मुफ्ती सलीम अहमद क़ासमी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद क़ासमी और शहर क़ाज़ी मुफ्ती हाशिम क़ासमी ने आधिकारिक रूप से रमजानुल मुबारक के आग़ाज़ की घोषणा की। उन्होंने तमाम मुसलमानों से अपील की कि इस पाक महीने को इबादत, रोज़ा, तिलावत-ए-क़ुरआन, सदक़ा-ख़ैरात और भाईचारे के साथ गुज़ारें।

उधर वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने भी रमजानुल मुबारक की आमद पर प्रदेशवासियों और देशवासियों को मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि यह महीना आत्मशुद्धि, सब्र और इंसानियत का पैग़ाम देता है। उन्होंने कहा कि रमजान हमें ज़रूरतमंदों की मदद करने और समाज में अमन-ओ-अमान को मज़बूत करने की तालीम देता है।

रमजान के पहले दिन मस्जिदों में नमाज़ियों की अच्छी-खासी तादाद रही। लोगों ने सहर और इफ्तार की तैयारियाँ पूरे एहतराम के साथ कीं। बाज़ारों में भी रौनक दिखाई दी और खजूर, फल, सेवइयां व अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी होती रही।

रमजान का महीना पूरी उम्मत के लिए रहमतों का पैग़ाम लेकर आता है। यह महीना इंसान को सब्र, शुक्र और खुदा की बंदगी की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। शहर में हर ओर रूहानियत और इबादत का माहौल कायम है, और लोग पूरे जोश-ओ-ख़रोश के साथ इस मुकद्दस महीने का इस्तकबाल कर रहे हैं।