पलायन, परिसीमन व आरक्षण पर गरजी उत्तराखंड समानता पार्टी

Uttarakhand Samanta Party Roars Over Delimitation and Reservation

देहरादून। उत्तराखंड समानता पार्टी ने पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार बढ़ते पलायन, भविष्य में संभावित परिसीमन और जातीय आधार पर बढ़ते आरक्षण को लेकर सरकार और केंद्र की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन हुआ तो पहाड़ की राजनीतिक भागीदारी कमजोर हो जाएगी और विधानसभा सीटों में कटौती तय मानी जाए।

गुरूवार को रिंग रोड स्थित एक वेडिंग पॉइंट में आयोजित पार्टी की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वी के बहुगुणा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन राष्ट्रीय महासचिव इं. एलपी रतूड़ी ने किया। बैठक में कहा गया कि राज्य गठन के बाद से पर्वतीय जिलों में लगातार पलायन बढ़ा है। इसके पीछे कागजी विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव और जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक को मुख्य वजह बताया गया।

नेताओं ने कहा कि सरकार पहाड़ की मूल समस्याओं के समाधान में विफल रही है। पार्टी ने मांग उठाई कि भविष्य में होने वाले परिसीमन में पर्वतीय क्षेत्रों के लिए जनसंख्या नहीं बल्कि क्षेत्रफल को आधार बनाया जाए, ताकि पर्वतीय राज्य गठन की मूल अवधारणा सुरक्षित रह सके।

उत्तराखंड समानता पार्टी ने पर्वतीय क्षेत्रों को ओबीसी का दर्जा देने की भी मांग उठाई। बैठक में प्रमुख सलाहकार इं. वीपी नौटियाल, मीडिया प्रभारी वीके धस्माना, संगठन सचिव श्रीधर नैथानी, टीएस नेगी, सीएस नेगी, बीएस भंडारी, ऊषा डोभाल, मोहित डिमरी, प्रांजल नौटियाल व पंकज उनियाल आदि मौजूद रहे।