सीएम ने सीआईआई के अधिकारियों से किया विचार-विमर्श

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सी.आई.आई के अधिकारियों से विचार-विमर्श करते सीएम।

CM discussed with CII officials

देहरादून। CM discussed with CII officials मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में उत्तराखण्ड में आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होने वाले वैश्विक निवेश सम्मेलन में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष दीपक जैन, सीआईआई के उपाध्यक्ष माधव सिंघानिया से विचार विमर्श किया।

इस उच्च स्तरीय बैठक में सी.आई.आई. के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को उद्योग जगत के प्रमुखों की भागीदारी सुनिश्चित कर उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। इस आयोजन में सीआईआई ने निवेशकों और राज्य के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में अपनी सहयोगी की बात कही जिससे राज्य के विकास और प्रगति के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद मिल सके।

इसके अतिरिक्त, सीआईआई ने राज्य के साथ मिलकर काम करने, पारिस्थितिक संतुलन और समग्र विकास को प्राथमिकता देने के लिए सतत विकास के लिए सीआईआई-आईटीसी उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से अपनी विशेषज्ञता की उपलब्धता का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य ने हाल ही में राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए 27 क्षेत्रीय नीतियां बनाई गई हैं। सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था में 41 प्रतिशत योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिए एक समर्पित नीति प्रेषित करने की भी योजना बनाई जा रही है।

सीआईआई और उत्तराखंड सरकार के मध्य विविध निवेश अवसरों की खोज और सहयोगात्मक पहल इस बैठक के प्रमुख विषय थे, जिन्हें राज्य के विकास को गति देने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्रित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के अध्यक्ष सुभ्रकांत पांडा से भी निवेश से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि फिक्की के सहयोग से देश व विदेशों में शो आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने फिक्की से उत्तराखण्ड में जमीनी सहयोग पर भी ध्यान देने को कहा।

योग और वेलनेस राज्य की पहचान है : CM Dhami

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य के निवेश की असीम संभावनाएं है। राज्य में देश के साथ विदेशों से भी इस क्षेत्र में उद्यमी आए इसके प्रयास किये जा रहे है। योग और वेलनेस राज्य की पहचान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आकर्षक पर्यटन नीति तैयार की गई है जिसके तहत अनेक क्षेत्रों में सब्सिडी दी जा रही है। पर्यटन क्षेत्र राज्य की आर्थिकी का मजबूत आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से निवेश के लक्ष्य की पूर्ति हेतु सरकार प्रोएक्टिव एप्रोच के साथ साथ यह भी सुनिश्चित करेगी की निवेशकों के हित,ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, कृषि,बाग़वानी, आयुष, योग,सर्विस सेक्टर और अन्य संभावित क्षेत्रों को और अधिक समृद्धशाली कैसे बनाया जाए इसका रोड मैप लेकर हम अधिक से अधिक निवेश कैसे सुनिश्चित करें , इस पर काम कर रहे हैं।

इन्हीं उद्देश्यों के साथ हमने उत्तराखंड में एक निवेश क्रांति लाने का संकल्प लिया है। इन्वेस्टर समिट में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से लगातार संवाद किया जा रहा है।

विभिन्न बैठकों में निवेशकों द्वारा उठाई गई समस्याओं के निस्तारण के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 से निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ेगें एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योग जगत में हो रहे नए नवाचारों से हमारे उद्यमियों को भी लाभ प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रारम्भ किये गये मेक इन इंडिया और पी. एम. गति शक्ति जैसी केन्द्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं में उत्तराखण्ड के उद्यमी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

आजादी के इस अमृत काल में उत्तराखण्ड को भी आगे बढ़कर अपना योगदान देना है, इसमें उद्योग जगत की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ एस.एस संधु, सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक उद्योग के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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