देहरादून। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किये जाने के विरोध में कांग्रेस का सचिवालय कूच के दौरान पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच के शुद्धिकरण की घटना के बाद मामला गर्मा गया। जिसके बाद प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा अपनेकृअपने क्षेत्र के थानों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गयी। इसी के चलते आज कांग्रेस का सचिवालय कूच था।
सुबह ही कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय में एकत्रित हुए। जहां से उन्होंने सचिवालय के लिए कूच किया। कांग्रेस कार्यकर्ता जब सचिवालय के करीब पहुंचे तो पुलिस ने बैरकेडिंग लगाकर उनको रोक दिया जिसके बाद वह वहीं धरने पर बैठ गये। उनका कहना था कि 10 अगस्त को रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण को लेकर पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।
आज देहरादून में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @kharge जी की रैली के बाद किए गए ‘शुद्धिकरण’ के दोषियों पर कार्रवाई की मांग और माननीय श्री @RahulGandhi जी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आवाह्न पर माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री… pic.twitter.com/JZvh4X18H2
— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand) September 1, 2026
उन्होंन भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसे अनुसूचित जातिकृजनजाति विरोधी करार दिया साथ ही राहुल गांधी के खिलाफ एफआइआर को ध्यान भटकाने और आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि पार्टी इसका लोतांत्रिक और कानूनी तरीके साथ मुंहतोड जवाब देगी। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस वार्ता में दलितों के साथ हो रहे अन्याय, अपमान और भेदभाव का जो सवाल उठाया उसे सही साबित करने में भाजपा आरएसएस ने 24 घंटे भी नहीं लगाये।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण के नाम पर किये गये छूआछूत और अपमान में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन उत्तराखण्ड की डबल इंजन सरकार ने आरोपियो की बजाये न्याय की मांग कर रहे नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ही अगले दिन एफआइआर दर्ज करा दी। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा व आरएसएस इस गलतफहमी में न रहें कि केस के डर से राहुल गांधी या कांग्रेस पीछे हट जाएंगे। एफआइआर कर भाजपा की डरपोक सरकार ने अपना चेहरा दिखा दिया है। यह भाजपा के अहंकार व तानाशाही की पराकाष्ठा है। जिसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन पहुंचाया।




