भर्ती घोटाले रोकने में सरकार नाकाम : माहरा

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करन माहरा।

Government failed to stop recruitment scam

कनिष्ठ सहायक भर्ती पर भी उठाए सवाल

देहरादून। Government failed to stop recruitment scam भर्तियों में हो रहे घोटालों को लेकर कांग्रेसी नेता आग बबूला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने आज इन घोटालों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भर्तियों में घोटाले जारी है।

लेखपाल और जेई/ऐई परीक्षाओं के बाद अब कनिष्ठ सहायक भर्ती भी सवालों के घेरे में है सरकार भर्ती घोटालों को रोकने में नाकाम साबित हुई है वही इन घोटालों में आयोगों के अधिकारी और भाजपा के नेताओं की अहम भूमिका सामने आई है लेकिन सरकार जांच के नाम पर लीपापोती करने में जुटी है।

करन माहरा का कहना है कि भाजपा सरकार भर्ती घोटालों की जांच के नाम पर तमाशा कर रही है। ऐसी जांच और आरोपियों की धरपकड़ का क्या फायदा है जब भर्तियों में लगातार घोटाले और पेपर लीक की घटनाएं बदस्तूर जारी है।

उनका कहना है कि सरकार की कार्यवाही के बीच भी लेखपाल और जेईकृएई की भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक और धांधली के मामले सामने आने के बाद अब कनिष्ठ सहायक भर्ती के लिए हुई परीक्षा में भी धांधली की बात सामने आ गई है। इस परीक्षा में सभी 4 सैटो में प्रश्न पत्रों के क्रम सामान होने का मामला यह बताता है कि इसमें भी धांधली हुई है तथा कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया है।

नेताओं की सांठगांठ से ही भर्तियों में भ्रष्टाचार का खेल हो रहा : Karan Mahara

उनका कहना है कि अब तक आधा दर्जन भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम इन घोटालों में सामने आ चुके है। आयोग के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा भाजपा के नेताओं की सांठगांठ से ही भर्तियों में भ्रष्टाचार का खेल हो रहा है।

लेकिन कार्यवाही के नाम पर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री अपनी पीठ खुद ही थपथपा रहे हैं और खुद ही खुद का सम्मान कर रहे हैं। जबकि प्रदेश के युवाओं में इन भर्ती घोटालों को लेकर भारी आक्रोश है।

उन्होंने जांच के नाम पर लीपापोती करने और अपने नेताओं को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार भर्तियों में घोटाले रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उधर लोक सेवा आयोग जिसके द्वारा कनिष्ठ सहायक भर्ती परीक्षाएं कराई गई थी, का कहना है कि प्रश्न पत्रों में प्रश्नों के एक जैसे क्रम में होने से परीक्षा की गोपनीयता पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ा है।

आयोग का कहना है कि प्रश्नों के क्रम एक जैसे हैं इसकी जानकारी परीक्षा समाप्त होने के बाद ही परीक्षार्थियों को हो सकी है। इसलिए इसका परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है।

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