क्या गुजरात की जेल से चल रहा गैंगस्टर का नेटवर्क?

on

|

मोहम्मद शाह नजर

देहरादून/मुंबई। Is a gangster’s network being operated from a Gujarat jail? क्या देश की हाई-सिक्योरिटी जेलों में बंद गैंगस्टर बाहर अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं? क्या पुलिस और खुफिया तंत्र की तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है? मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी ने एक बार फिर ऐसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने वाला संदेश सामने आया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब गुजरात में लंबे समय से भाजपा की सरकार है, महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में है। ऐसे में कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा के राजनीतिक दावों और संगठित अपराध पर नियंत्रण की वास्तविक स्थिति के बीच तुलना करते हुए सवाल उठाए जा रहे हैं।

मुंबई के जुहू इलाके में रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की गई। पुलिस के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग घटनास्थल पर पहुंचे, जिनमें से दो ने कथित तौर पर कार पर गोलियां चलाईं। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। घटना में टाइगर श्रॉफ को गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और हमलावरों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की।

मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रोशन के मुताबिक, जांच के लिए करीब 20 विशेष टीमें गठित की गईं। मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस की मदद से कोटा में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में आरोपियों के मुंबई से बाहर निकलने के रास्ते और कथित आपराधिक संपर्कों की पड़ताल की गई।

गोलीबारी के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट और ऑडियो संदेश सामने आया। इनमें कथित तौर पर अनिल पंडित के नाम से लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। संदेश में सलमान खान के साथ काम करने वाले लोगों को लेकर भी धमकी दिए जाने की बात सामने आई।

हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी गिरोह के नाम से जिम्मेदारी लेने का संदेश सामने आना और उस गिरोह की भूमिका का कानूनी रूप से साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। पुलिस संदेश की प्रामाणिकता, उसके स्रोत और हमले के पीछे की साजिश की जांच कर रही है।

इस घटना ने जेलों में बंद गैंगस्टरों के कथित नेटवर्क को लेकर बहस तेज कर दी है। यदि कोई अपराधी जेल में रहते हुए भी बाहर सक्रिय गिरोहों से संपर्क बनाए रखता है, धमकी दिलवाता है या आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता है, तो यह जेल प्रशासन, पुलिस और खुफिया तंत्र के लिए गंभीर चुनौती है।

लेकिन टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में गुजरात की किसी जेल से साजिश संचालित होने की पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसी तरह गुजरात के बंदरगाहों के जरिये मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में जांच, जब्ती के आंकड़े, आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई और आपूर्ति नेटवर्क पर नियंत्रण के ठोस परिणामों के आधार पर सरकारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा की ओर से पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए जाने वाले सवालों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है। पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में विपक्ष का तर्क है कि भाजपा को गुजरात और महाराष्ट्र में संगठित अपराध की घटनाओं पर भी समान गंभीरता से जवाब देना चाहिए।

सवाल किसी एक राज्य या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। यदि किसी राज्य में अपराधी खुलेआम गोलीबारी करते हैं, फरार हो जाते हैं और बाद में सोशल मीडिया पर धमकियां देने वाले संदेश सामने आते हैं, तो संबंधित पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

राजनीतिक मंचों से दूसरे राज्यों की सरकारों की आलोचना करना आसान है, लेकिन अपने शासन वाले राज्यों में अपराध पर नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी केवल फिल्म जगत की सुरक्षा का मामला नहीं है। यह संगठित अपराध के नेटवर्क, हथियारों की उपलब्धता, आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों और पुलिस की निगरानी व्यवस्था से जुड़े व्यापक सवालों की ओर भी ध्यान खींचती है। कानून-व्यवस्था किसी दल का चुनावी नारा भर नहीं, बल्कि नागरिकों के सुरक्षित जीवन का बुनियादी आधार है। जनता को भाषणों और आरोप-प्रत्यारोप से अधिक ठोस कार्रवाई, पारदर्शी जांच और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के परिणाम चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here