पीसीआई ने पत्रकार आशुतोष की गिरफ्तारी पर जताई चिंता

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देहरादून। PCI expressed concern over arrest of journalist Ashutosh प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने उत्तराखण्ड राज्य के पत्रकार आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी पर चिंता जताई है। पीसीआई ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि निराधार आरोप लगाकर आशुतोष नेगी को गिरफ्तार किया गया है, पीसीआई की विज्ञप्ति में कहा कि रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की कथित हत्या के संबंध में रिसॉर्ट का स्वामित्व तत्कालीन भाजपा मंत्री विनोद आर्य के बेटे के पास था।

उत्तराखंड पुलिस ने बिना आरोपों की पुष्टि के आशुतोष नेगी पर राज्य सरकार और पुलिस के खिलाफ अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है। रिपोर्टों के अनुसार आशुतोष नेगी ने एक जागरूक पत्रकार के रूप में अंकिता भंडारी के परिवार के लिए जल्द न्याय की चिंता जताई है, जिसकी कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। पुलिस प्राथमिक अपराध की जांच पर काम करने के बजाय, आशुतोष नेगी के साथ एक सामान्य अपराधी की तरह व्यवहार कर रही है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना प्रत्येक नागरिक का जरूरी अधिकार है। पत्रकारों को तो सवाल उठाने के साथ ही अपने कर्तव्यों का पालन कर लोकतंत्र को जीवित और जीवंत बनाए रखने के लिए सत्ता के सामने सच बोलना हैं, पीसीआई के अनुसार उत्तराखंड पुलिस ने कहा है-आशुतोष नेगी जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं पर संदेह है। हम अशुतोष नेगी की गतिविधियों की जांच कर रहे हैं, जो एक साजिश का हिस्सा और कठोर कार्रवाई मालूम पड़ती है।

पीसीआई ने ये भी जोड़ा कि पुलिस कहती है-अगर हमें कोई सबूत मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के बयान की टोन प्रतिशोध का साफ संकेत देती है और अपराध बोध का अहसास कराती है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से आशुतोष नेगी के मामले को उठाने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह करता है कि इस पत्रकार की गिरफ्तारी की स्वतंत्र जांच की जाए, ताकि उनके साथ कोई अन्याय न हो।

आशुतोष नेगी को पौड़ी पुलिस ने 5 मार्च को 2022 के पुराने मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था, आशुतोष नेगी से पहले एक और पत्रकार की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जो फिलहाल पौड़ी जेल में बंद है। दरअसल पौड़ी के कल्जीखाल ब्लॉक के पयासू गांव निवासी राजेश सिंह कोली राजा ने मई 2022 में एसपी और डीएम पौड़ी को एक शिकायत भेजी थी, इसमें शिकायतकर्ता ने 4 लोगों पर मारपीट, गाली गलौज, जान से मारने की धमकी और सोशल मीडिया में जाति सूचक शब्दों के उपयोग का आरोप लगाया था। पुलिस ने इसी मामले में आशुतोष नेगी को गिरफ्तार किया है, मगर आशुतोष की गिरफ्तारी की टाइमिंग विवादों में है। क्योंकि वो लगातार अंकिता भंडारी मर्डर मामले में उसके परिवार के साथ न्याय की मांग कर रहे थे।

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