ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार से बढ़ी प्रशासन की मुश्किलें

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देहरादून। villagers boycotting elections देहरादून जिले के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर लोकसभा चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है। जिसके बाद शासन प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। इसी कड़ी में ग्रामीणों से वार्ता के लिए प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। इस दौरान ग्रामीण लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक सड़क निर्माण को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक वो नहीं मानने वाले हैं।

दरअसल, डोईवाला विधानसभा क्षेत्र की तीन पंचायतें सनगांव, नाही कला और सिन्धवाल के ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। मंगलवार को ग्रामीणों के साथ डोईवाला एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों ने वार्ता की। साथ ही ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण सड़क के ना बनने तक चुनाव बहिष्कार की मांग पर अड़े रहे।

ग्रामीणों का कहना था कि हर बार उनको आश्वासन दिया जाता है और चुनाव के बाद सब भूल जाते हैं, लेकिन इस बार ग्रामीण लिखित आश्वासन के बाद ही शांत बैठेंगे। उनका कहना है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो ग्रामीण चुनाव बहिष्कार के साथ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंची डोईवाला उपजिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल ने कहा कि ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। आज भी उनके साथ विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण उच्च अधिकारियों से वार्ता करने की बात कह रहे हैं। जिसको लेकर जल्द ही ग्रामीणों के जन प्रतिनिधियों के साथ उच्च अधिकारियों से वार्ता कर हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।

बता दें कि डोईवाला विधानसभा क्षेत्र की तीन पंचायतें नाही कला, सनगांव और सिन्धवाल के रहने वाले ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग करते आ रहे हैं। इस बार ग्रामीण सड़क की मांग पूरी न होने तक लोकसभा चुनाव के पूरी तरह से बहिष्कार पर उतर आए हैं। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने श्सड़क नहीं तो वोट नहींश् के बैनर भी लगा दिए हैं।

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